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केन्द्राधिपति दोष

केंद्रधिपति दोष :– सौम्य ग्रह अगर केंद्र के स्वामी हुए तो अपनी शुभता छोड़ देते है ( अशुभ फल दे जरूरी नहीं) , क्रूर ग्रह केंद्र के स्वामी होने पर अपनी अशुभता छोड़ देते है।  सौम्य ग्रह :– गुरु, शुक्र, शुक्ल पक्ष का चंद्र और सौम्य ग्रह के साथ स्थित बुध क्रूर ग्रह :– सूर्य, मंगल , शनि , कृष्ण पक्ष का चंद्र और क्रूर ग्रह के साथ स्थित बुध जब सौम्य ग्रह अपनी शुभता न दे तो वह दोष का निर्माण करता है,  केवल गुरु और बुध ऐसे ग्रह है जो एक ही समय में दो केंद्र भावो के स्वामी होगे इसलिए इन्हे केन्द्राधिपति दोष लगता है, ( मिथुन, कन्या, धनु, मीन लग्न में) नोट :– बुध अगर क्रूर ग्रह के साथ हुआ तब मेरे विचार में केन्द्राधिपति दोष में नहीं आएगा क्योंकि तब वह क्रूर होगा।

दशमांश निकालने की विधि

हे दोस्तो आज हम दशमांश निकालने की विधि जानेंगे और आप पढ़ रहे है  दीपज्योतिष   ब्लॉग, और मैं हूं दीपज्योतिष एक ब्लॉगर ,     दशमंश निकालने की विधि :-  विषम राशि के लिए :– वही राशि रिफ्रेंस राशि  होगी सम राशि के लिए :– उस राशि से नवम राशि रिफ्रेंस राशि  होगी एक राशि के दश भाग कीजिए तो एक भाग ३° का है जिस ग्रह की डिग्री देखनी है वो देखिए किस भाग में है , रिफ्रेंस राशि से उस भाग तक की गिनती कर लीजिए वही दशमांश होगा उदाहरण :–  इस चार्ट में लग्न मकर राशि में 6° 54’ का है चुकी सम राशि है इसलिए इसका रिफ्रेंस राशि होगी मकर से नवम राशि यानी कन्या राशि।     6° 54’ को हर 3° का एक भाग बनाने पर 6° के दो भाग होगे और 54’ तीसरे भाग में आएगा जिसे रिफ्रेंस राशि यानी कन्या राशि से तीसरी राशि वृश्चिक राशि होगी यही लग्न का दशमांश है।      एक उदाहरण और देखते है चंद्र धनु राशि में है जो कि विषम राशि है इसलिए इसकी रिफ्रेंस राशि यही यानी धनु राशि होगी, चंद्र इस राशि में 24°40’ है तो 3 से भाग देने पर 8 भाग 24° तक होगे और 40’ नौवे भाग में आए...

जन्म कुंडली को कैसे देखे How to read a birth chart?

ज्योतिष के अनुसार घटनाएं जानने के लिए जन्मसमय पर ग्रहों राशियों इत्यादि की स्थिति एक चार्ट के रूप में उतार ली जाती है जिसे जन्म कुंडली BIRTH CHART    कहते है। हिन्दुस्तान में यह तीन प्रकार से लिखा जाता है। आज हम एक एक करके  North Indian chart  इस चार्ट को ध्यान से देखिए यह डायमंड की तरह का चार्ट है जिसमे 12 डिब्बेनुमा खाने बने हुए हैं जिन्हे भाव कहते है। सबसे ऊपर जो चकोर डिब्बा है जिसमे 5 लिखा है यह पहला भाव होता है जिसे लग्न भी कहते है अंग्रेजी में यह As के द्वारा दिखाया जाता है अगर नहीं भी दिखाय जाए तो भी यही भाव लग्न होता है। North Indian chart में भाव फिक्स होते है लेकिन राशियां उन भावो में घूमती रहती है जिन्हे नंबर्स से दिखाया जाता है। इस चार्ट में लग्न में 5 नंबर लिखा है जिसका मतलब है यह सिंह लग्न की कुंडली है, इस तरह लग्न फिक्स हैं लेकिन उसमें लिखे नंबर्स नही, यहां 5 के स्थान पर 1 आता तो यह मेष लग्न की कुंडली होती। लग्न में राशि आने के बाद घड़ी की विपरीत दिशा में भाव नंबर और राशि नंबर बढ़ते जाते है जैसे ऊपर कुंडली में लग्न में 5 लिखा है उससे आगे घड...

बेसिक ज्योतिष

ॐ गणेशाय नमः ॐ नमः शिवाय जय माता दी यह पोस्ट ज्योतिष की बेसिक जानकारी के लिए कुछ सवाल जवाब के साथ है, इसमें आप जानेगे कि ज्योतिष क्या है इसके महत्वपूर्ण अंग क्या है और इसका मानव जीवन पर प्रभाव कैसे पड़ता है अगर आपको यह पोस्ट पसंद आए तो कमेंट द्वारा हमारा  हौसला  अफजाई जरूर करे ताकि हमे आगे की पोस्ट बनाने की प्रेरणा मिलती रहे, और अपने दोस्तो के साथ शेयर भी जरूर कीजिए,  आप यह पोस्ट https://deepjyotish.blogspot.com पर पढ़ रहे है और मै हू DEEPJYOTISH एक ब्लॉगर आइए जानते है आज की पोस्ट के बारे में प्रश्न १:- ज्योतिष क्या है? उत्तर :- आकाश मंडल में उपस्थित ग्रह, नक्षत्र इत्यादि के अध्ययन को ही ज्योतिष कहा जाता है, इसके मुख्य दो भाग है एक गणित और दूसरा फलित। गणित ज्योतिष में आकाश मंडल में उपस्थित ग्रहों की पोजिशन देखी जाती है जिसे आजकल खगोलशास्त्री आधुनिक उपकरणों की सहायता से करते है और फलित ज्योतिष के अंतर्गत उन ग्रहों नक्षत्रों का पृथ्वी, मानव जीवन और अन्य चर अचर जीव, वस्तुएं इत्यादि पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जाता है। प्रश्न २:- आकाश में उपस्थित ग्रह जो कि प्रथ्वी से...

मंगलाचरण

गजानन भूतगणादि सेवियों, कपित्थजम्बू फलचारी भक्षणं। उमासुतं शोकविनाश कारकं , नमामि मा विध्नेश्वरं पादपंकजं।। वक्रतुंड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्न कूरूमेदेव सर्वकाय संभवं। ॐ नमः शिवाय कपूर गौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारं सदावसंतं हृदयारविंदे भवं भवानि सहितं नमामि। मैं दीपक पांचाल ज्योतिष पर ब्लाग लिखने से पहले प्रथम पूज्य गणेश जी, भगवान शिव शक्ति सहित, श्री हरि लक्ष्मी सहित, और श्री बृह्मा सरस्वती सहित, नव ग्रह, हनुमान जी, अपने पितृगण, और ब्रह्मांड में फैली समस्त शक्तियों को नमस्कार करता हूं। #deepjyotish